अध्यापक दिवस - अध्यापकों का दिवस
दिया मान-सम्मान ,प्रेम - दुलार
तभी तो हैं ये गुरुजन महान
सिखा दिया था जो हमें ज्ञान
आ रहा है अब वही तो जीवन में काम
सिखाया था पहला वो आखर
बनाया है जीने के काबिल
दिखाया है पथ ,और सिखाया है सब
नमन हो इन्हें जिन्हें शिक्षक कहते है सब ।
रंग काला नहीं है शुभ,
सबने कहा, सभी से सुना
पर श्यामपट्ट पर ही लिखकर,
गुरु ने कहा , हमने सुना
बना है ये जीवन इसी काले रंग से ,
लिखा सफ़ेद चॉक से,
दिया सही अर्थ इसी काले रंग से
पढ़ाया है आखर ,बढ़ाया है ज्ञान
बताया है जीवन का सही संज्ञान ।
चाहते सदा ये बढ़े उनका छात्र
रहे सदा उस पर उनका हाथ
आगे बढ़े और उन्नति करे
जीवन की हर राह पर तरक्की करे
बिना स्वार्थ उसको पढ़ाया ,बताया
हर एक शंका का नाश कराया
चलो और करो ,तुममे शक्ति है करने की
यही बात मन मे बिठाया है उन्होंने ने ।
सरल स्वभाव और सादा लिवाज़
पर उनमें बसता है ज्ञान अपार
न चाह कभी कुछ उन्होंने
न माँगा कभी कुछ उन्होंने
बस देना उन्हें वो जो है उनका अधिकार
मान और सम्मान के हैं वो हकदार
न करना कभी भी तुम उनका अपमान
यही होगा तुम्हारा उनके प्रति सम्मान ।
मत आँको पैसों में उनका ये ज्ञान
मत मानों उन्हें तुम पैसों का गुलाम
वो तो है ज्ञान का सागर महान
दे दो उन्हें बस उनका स्वाभिमान।
धन्यवाद !

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