अपना देश ,त्योहारों का देश
धर्म हैं अनेक ,जाति हैं अनेक हैं
मान्यताएं और रीतियाँ भी हैं अनेक
यही तो है इस देश में विशेष !
शुरू हुआ है साल मना रहे हैं त्योहार
आ गई है लोहड़ी,जला रहे है आग
खिला रहे हैं रेवड़ी ,लुटा रहे हैं प्यार
उत्तर में मना रहे हैं उत्तरायण या संक्रांत
मिला के दाल-भात को बना दिया पकवान
ओणम के साथ-साथ ही पोंगल की है बहार
सब मिलकर मना रहे हैं नववर्ष के त्योहार ।
आया है देखो फाल्गुन ,उड़ा रहे हैं गुलाल
मिल एक -दूसरे से ,मिटा रहे हैं देखो भेदभाव
रंग लगाया,गुजियाँ खाई ,जला दिया द्वेष - विकार
सबको रंग में रंग दिया ,आई खुशियां हज़ार ।
माँ तो सबकी अपनी है ,
पर दुर्गा माँ तो सबकी है
उनकी महिमा तो अपरम्पार है,
ये शक्ति का आधार हैं
मनाया नवरात्रि का त्योहार है ,
आए खुशियाँ अपार हैं
पाने को उनकी कृपा सभी ,
करते उनका उपवास हैं ।
किया उपवास तीस दिवस, तब आया ये पावन पर्व
सेवई बनी ,मिठाई बनी और मिलकर ईद मनी
ईदी मिली,खिलौने लिए ,गले मिले ,बधाई दी
फिर ईद मुबारक !की गूँज हुई ।
भाई - बहन का प्यार ,है जग में विख्यात
आया सावन और लाया बहार
राखी बधी और मना त्योहार
भाई - बहन का प्यार ही है
रक्षा - बंधन का आधार ।
तीज की बयार ,छाई हरियाली बेशुमार
मनाया हरियाली तीज का त्योहार
झूले झूले तब पूर्ण हुआ ये त्योहार ।
दस दिवस का पर्व है दशहरा
अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व है दशहरा
रामलीला ,मेला ,झांकियों के रूप में
सही अर्थ देता है ये पर्व दशहरा ।
दीवाली का त्योहार ,खुशियों का आधार
नव वर्ष की शुरुआत ,नव हर्ष का आगाज़
अंधकार का विनाश ,प्रकाश है आधार
धन -धान्य और ऐश्वर्य की पुकार
विघ्नहरण की अरदास ,कृपा की पुकार
सुख -शांति और उन्नति का त्योहार
यही है ये दीपावली का त्योहार ।
आया अंतिम माह साल का
जो लाया क्रिसमस का उपहार
मिले उपहार सभी को
ऐसे मना ये त्योहार ।
धन्यवाद !
Waah!!!!
जवाब देंहटाएंNICE!!
जवाब देंहटाएंBeautifully described
जवाब देंहटाएं