माँ……..
ममता का सागर ,करुणा की देवी
मेरे ऊपर माँ रहमत है तेरी
छोटा - सा अल्फ़ाज़ ,पर भाव हैं अपार
तुमने दे दिया है हमें जो वो है बेशुमार
दिया तूने जन्म ,पाला है तुमने
अँगुली पकड़कर चलना सिखाया है तुमने
गर गिरे कभी लड़खड़ाकर ,संभला है तुमने
सही राह पर बढ़ाया है तुमने
सही-गलत का भेद पाया है तुमसे
माँ का दिन क्यों मनाया,समझ से परे है
बिन तेरे माँ ये जीवन छले है
हर दिन मेरा और ये जीवन भी मेरा
मेरी माँ ये तेरे कदमों तले है
तेरा नाम है ईश्वर से भी महान
तुझे पूजे विश्व का हर एक इंसान
तेरा पद है सर्वोच्य सबसे महान
देती रहना हमें तुम आपकी
ये करुणा और ममता अपार
बिन तेरे जीवन की कल्पना बेकार
तेरे पास है ममता का बड़ा अंबार
तुम हो माँ, जननी ,अम्मी और अम्मा
तेरे आगे नतमस्तक है तेरा है तेरा बच्चा
लगा ले गले से ,लुटा दे तू ममता
नादान -सा मैं हूँ तेरा बच्चा !
धन्यवाद!

Nice ,heart touching
जवाब देंहटाएंVery nyc poem
जवाब देंहटाएंSoulful poem
जवाब देंहटाएंWow
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