सोशल मीडिया का आधुनिक युग पर प्रभाव….
सोशल मीडया यानि समाज में संचार का
माध्यम ।समाज में सूचना संचार के अनेक माध्यम हैं ।लोगों द्वारा सूचना एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाती हैं । मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है ,उसे समाज में एक -दूसरे के साथ मिलजुल कर रहना होता है ।दूसरे व्यक्ति के दुख,खुशी ,तकलीफ़ आदि में शामिल होना होता है ।मनुष्य पारिवारिक प्राणी भी है ,वह परिवार में रहता है ।परिवार का कोई सदस्य घर से दूर भी रहता है ,उससे संपर्क फोन या खत के माध्यम से होता है ।
प्राचीन काल में संचार के माध्यम सीमित थे ।एक स्थान से सूचना खत के माध्यम से दूसरे स्थान तक
पहुँचाई जाती थी । इसमें बहुत अधिक समय लगता था ।धीरे -धीरे टेलीफोन का उपयोग होने लगा ।एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति के साथ मौखिक वार्तालाप होने लगा ।व्यक्ति बहुत कम समय में जानकारी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने लगा ।अब सूचना का संचार तेज़ हो गया ।धीरे -धीरे संचार के माध्यमों में तेज़ी आती गई और 21वी सदी आते -आते सूचना संचार के क्षेत्र में क्रांति आ गई ।संचार के अनेक माध्यमों का विकास हो गया । फोन की अनेक कम्पनियाँ बाज़ार में आ गई और इंटरनेट ने दो देशों की दूरी को भी संचार के साधनों के माध्यमों से कम कर दी । अब लोग एक देश में बैठे -बैठे दूसरे देश में सूचना का संचार करने लगे ।इस कार्य को संभव बनाया सोशल मीडया के साधनों ने ।अब यह जानना आवश्यक हो जाता है कि सोशल मीडिया आखिरकार है क्या ?
# सोशल मीडिया क्या है ?
सूचना के संचार का ऐसा माध्यम जो फोन, कम्प्यूटर और टेलीविजन के माध्यम से होता है ।इन माध्यमों से सूचना बहुत कम समय में बहुत अधिक जनसंख्या तक पहुँच जाती है । सोशल मीडिया के माध्यम से हम घर में बैठे -बैठे देश -विदेश में घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी प्राप्त करते हैं ।सोशल मीडिया के अनेक माध्यम हैं जैसे -फ़ेसबुक, वाट्सअप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब , डेलिमोशन,जी-मेल आदि ।
सोशल मीडिया से पहले हमें मीडिया के बारे में बात करनी चाहिए ।मीडिया का अर्थ है संचार का माध्यम ।सूचनाओं को लिखित या मौखिक रूप में लोगों तक पहुँचाना । मीडिया दो प्रकार की होती है -प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ।प्रिंट के अंतर्गत अख़बार, पत्रिकाएँ आदि आते हैं और इलेक्ट्रॉनिक के अंतर्गत टेलीविजन आता है ।
सोशल मीडिया के अनेक प्रकार् हैं जिनके माध्यम से सूचनाओं का संचार होता है ।इन माध्यमों में कुछ व्यक्तिगत माध्यम हैं और कुछ सामाजिक स्तर के माध्यम हैं ।इन प्रकारों पर प्रकाश डालने का प्रयत्न करते हैं ।
# व्यक्तिगत संचार के माध्यम
क) वाट्सअप -यह संचार का एक व्यक्तिगत माध्यम
है ।इसके द्वारा व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को संदेश भेज सकता है ।उसे फोन कर सकता है और वीडियो कॉल भी कर सकता है ।इस माध्यम से की गई बातचीत सिर्फ उसी व्यक्ति तक सीमित रहती है जिस से बात करी गई है ।
ख) फेसबुक और इंस्टाग्राम - ये भी संचार के व्यक्तिगत माध्यम हैं ,आप अपनी जानकारी जिस व्यक्ति से साझा करना चाहते हो आप उसे ही अपने दोस्तों के समूह में जोड़ें ,बाकी अन्य कोई आपकी जानकारी नहीं देख पायेगा ।इन दोनों माध्यमों में भी व्यक्तिगत स्तर पर संदेश भेजने की सुविधा होती है ।
ग) स्काईप /ज़ूम/ गूगल डुओ - सोशल मीडिया के यह साधन व्यक्तिगत तरीके हैं । इनके माध्यम से व्यक्तिगत संदेशों का संचार होता है । लोगों द्वारा एक से अधिक जानकार लोगों के साथ भी एक साथ संपर्क किया जा सकता है ।इन माध्यमों से हम अपने जरूरी कागज़ात भी दूसरे व्यक्तियों के साथ बाँट सकते हैं ।
# संचार के सामाजिक स्तर के साधन
क) यूट्यूब / डेलिमोशन - इन माध्यमों से हम उपयोगी जानकारी को वीडियो के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं । जानकर व्यक्ति इन माध्यमों पर अपने वीडियो बना कर अपलोड करते हैं ,ताकि अन्य व्यक्ति उन्हें देखकर जानकारी प्राप्त कर सकें । यहाँ पर हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो जाती है ।
ख) टिककॉक / हेलो /वी -वीडियो /स्नैपचैट आदि - इन माध्यमों पर व्यक्ति विभिन्न प्रकार से वीडियो बना कर अपलोड करते हैं ।दूसरे लोग उन वीडियो को देखते हैं और उन्हें पसंद करते हैं ,और दूसरे लोगों तक भेजते हैं । इन पर कुछ ज्ञानवर्धक वीडियो मिलते हैं ,परन्तु कुछ असामाजिक वीडियो भी इन माध्यमों पर होते हैं जो समाज में अराजकता फैलाने का काम करते हैं ।
ग) ऑनलाइन गेमिंग एप - आज कल ऑनलाइन गेमिंग का चलन बहुत अधिक बढ़ गया है ।लोग अपने मनोरंजन के लिए ऑनलाइन खेल खेलते रहते हैं । पहले सिर्फ अकेले ही खेल खेले जाते थे परंतु अब कई खेल ऐसे हैं जो समूह में भी खेले जाते हैं । लोग दूसरे शहर में बैठे अपने मित्रों और सगे- सम्बंधियों के साथ मिलकर खेल सकते हैं ।
घ ) शिक्षा प्रदान करने वाले एप जैसे -बाईजू , अनअकेडमी, वेदांतु आदि - आज के समय में ऑनलाइन टीचिंग का चलन बढ़ता जा रहा है । विभिन्न ऑनलाइन टीचिंग एप का चलन आजकल लोकप्रिय हो रहा है ।ये एप शिक्षा प्रदान करने के साथ -साथ कमाई का भी जरिया बन गए हैं ।बच्चों को घर बैठे -बैठे मोबाइल / कम्प्यूटर पर शिक्षा मिलती है और वहाँ पढ़ाने वाले शिक्षकों को पैसा । इस से दोनों को लाभ होता है ।
ङ) ट्वीटर - ट्वीटर सूचना संचार का अत्यधिक तीव्र और फैला हुआ माध्यम है । इस माध्यम से सूचनाओं का आदान -प्रदान विश्व के किसी भी भाग में किया जा सकता है । लोग इस माध्यम पर कोई जानकारी साँझा करते हैं तो वह जानकारी विश्व के किसी भी भाग में देखी व पढ़ी जा सकती है । आप किसी भी भाषा में कोई भी जानकारी साँझा कर सकते हैं ।
च) ऑनलाइन न्यूज़ चैनल एप - टेलीविजन पर आने वाले लगभग प्रेत्यक न्यूज़ चैनल ने अपना ऑनलाइन न्यूज चैनल एप बना दिया है । ये एप आप अपने फोन या कम्प्यूटर पर कहीं भी और कभी भी देख सकते हो । लोगों के पास समय की कमी होने के कारण बैठ कर टेलीविजन देखने का समय बहुत कम हो गया है इसलिए वे इन एप का प्रयोग करते हैं ।
छ) टी. वी. के ऑनलाइन एप जैसे -ज़ी 5,नेटफ्लिक्स ,वूट आदि -अनेक टेलीविजन चैनल ने भी अपने ऑनलाइन एप शुरू किए हैं ,इन पर अनेक नाटक आते हैं ।इन पर सीरीज नाम से कुछ नए नाटक भी प्रसारित किए जाते हैं जो आज के युवा वर्ग को बहुत पसंद आते हैं ।
ज) सर्च इंजन जैसे -गूगल ,याहू , विंग्स आदि - इंटरनेट पर हम किसी भी विषय पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । गूगल तो आजकल हर प्रश्न का उत्तर सैकंडों में दे देता है ।
सोशल मीडिया का प्रयोग दिन -प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है ।लोग इन माध्यमों के आदी हो गए हैं ।प्रत्येक वस्तु अपने साथ लाभ और हानि साथ लेकर चलती है । इसी प्रकार सोशल मीडिया की भी कुछ लाभ और कुछ हानियाँ हैं ।आइए, इन लाभ और हानियों पर प्रकाश डालते हैं ।
सोशल मीडिया के लाभ :-
सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से हमें घर में बैठे -बैठे देश -विदेश की जानकारी प्राप्त हो जाती है ।यह जानकारी हमें जागरूक नागरिक बनने में मदद करती
है ।
ये माध्यम हमारे मनोरंजन के लिए भी सहायक होते हैं ।इन पर अनेक प्रकार के नाटक व कहानियों का प्रसारण होता है जो हमारा मनोरंजन करते हैं ।
सोशल मीडिया के अनेक माध्यम हमारा ज्ञानवर्धन भी करते हैं । सोशल मीडिया पर अनेक ऐसे एप हैं जो हमारे ज्ञान में वृद्धि करते हैं।हम अनेक महत्त्वपूर्ण जानकारी इन पर खोज सकते हैं और उसे पढ़ कर अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं ।
सोशल मीडिया के अनेक माध्यम जैसे वाट्सअप,फेसबुक,इंस्टाग्राम आदि से हम अपने मित्रों और सगे-सम्बन्धियों से बातचीत कर सकते हैं ,उन्हें फोटो दिखा सकते हैं और उनकी भी फ़ोटो देख सकते हैं । इनके माध्यम से हम एक -दूसरे से सम्पर्क में रहते हैं और हम एक -दूसरे से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
सोशल मीडिया के अनेक ऐसे माध्यम हैं जो व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करते हैं ।आप अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं ।
इन माध्यमों का प्रयोग करके हम अपनी प्रतिभा का भी प्रदर्शन कर सकते हैं।हम अपने स्वयं की कला को बढ़ाने के लिए उसका वीडियो बनाकर किसी भी सोशल मीडिया के स्तर पर डाल सकते हैं ।लोग वहाँ से आपकी प्रतिभा को देखकर सराहेंगे और आप की प्रतिभा का प्रचार -प्रसार होगा ।
सोशल मीडिया की सहायता से अब समाज में पारदर्शिता का प्रसार हुआ है ।देश -विदेश में घटित होने वाली सभी घटनाओं को आम जनता के समक्ष लाने का काम इन्हीं माध्यमों ने किया है ।इनके माध्यम से आम जनता भी सभी जानकारियों को सही प्रकार से प्राप्त करने में सक्षम हो पाई है ।
सोशल मीडिया का प्रयोग आय अर्जन के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है । बहुत से लोग सोशल मीडिया के अनेक साधनों का प्रयोग करके कमाई भी कर रहे हैं ।
सोशल मीडिया से पड़ने वाले दुष्प्रभाव
क) सोशल मीडिया पर जो जानकारी दिखाई जाती है उस में व्यक्तिगत भेदभाव हो सकता है । कोई जानकारी किसी के पक्ष में और दूसरे के विरोध में हो सकती है । जो समाज के कुछ वर्गों के मष्तिक पर बुरा प्रभाव डाल सकती है ।
ख) सोशल मीडिया पर हर आयु वर्ग के अनुसार जानकारी उपलब्ध होती है । पर कुछ जानकारी छोटे आयु वर्ग के बच्चों के लिए सही नहीं होती है ।जानकारी का उम्र के अनुसार विभाजन सोशल मीडिया पर नहीं है अतः किसी भी उम्र का कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की जानकारी ढूंढ सकता है और पढ़ सकता है ।
ग) सोशल मीडिया पर कम उम्र के बच्चे चैट ग्रुप बना कर आपस में असामाजिक बातें करते हैं और असामाजिक कृत करने की योजनाएं नही बना लेते है ,जैसा कि इंस्टाग्राम पर बने बॉयज लॉकर नामक समूह में हुआ । ऐसे समूह छोटे बच्चों की मानसिकता को विकृत कर देते हैं।इससे उनके नैतिक मूल्यों का पतन होता दिखाई देता है ।
घ) ऑनलाइन गेमिंग साइट पर खेल खेल कर बच्चों का स्वभाव आक्रामक होता जा रहा है । गेम में लड़ाई - झगड़ा ,मार -काट आदि दिखाई जाती है जो बच्चों के मन में भी आक्रोश का भाव भर देते हैं । ऐसे बच्चे घर में ,खेल के मैदान में या स्कूल में उस आक्रामक स्वभाव का प्रदर्शन करते हैं ।जो उनके मानसिक व शारीरिक विकास के लिए हानिकारक सिद्ध होता है ।
ङ) टी.वी .पर दिखाई गई फिल्मों के कुछ दृश्यों को देखकर लोगों की मानसिकता विकृत हो जाती है ।वे कुछ असामाजिक और आमानविक कार्यों में लिप्त हो जाते हैं जैसे चोरी, डकैती ,बालात्कार, तेजाब फेंकना आदि।ये समाज के लिए हानिकारक है ।
च) कुछ लोग साइबर क्राइम में भी लिप्त हो
जाते हैं । लोगों के व्यक्तिगत एकाउंट को हैक कर के उनकी महत्त्वपूर्ण जानकारी का दुरुपयोग करते हैं ।वे लोग उस जानकारी को लौटाने के बदले अच्छी खासी मोटी रकम भी लोगों से लेते हैं ।
छ) जब से बैंकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा देने प्रारम्भ किया है तब से बैंक एकाउंट में भी घोटाले होने लगे है ।अपराधी प्रवत्ति के लोगों के इंटरनेट म् माध्यम से इन से पैसे निकालने और एकाउंट हैक करना शुरू कर दिया है ।ये बहुत ही हानिकारण है ।
ज) सोशल मीडिया के एकाउंट पर वायरस के हमले का खतरा बढ़ता जा रहा है ।हैकर एकाउंट हैक करके फ़ोटो तथा अन्य जानकारी दूसरी जगह पर भेज देते हैं ।कई बार उस जानकारी का दुरुपयोग किया जाता है ।
विज्ञान का प्रत्येक आविष्कार अपने साथ लाभ और हानि दोनों ही लाता है ।अब ये हमारी समझ पर निर्भर करता है कि हम उस आविष्कार का सदुपयोग करें या दुरुपयोग ।सदुपयोग हमें उन्नति की ओर ले जाएगा और दुरुपयोग पतन की ओर ।सभी को अपनी बुद्धि का प्रयोग करते हुए अपनी उचित आवश्यकता की पूर्ति के लिए इन साधनों का सदुपयोग करना चाहिए। हम मानव इसीलिए कहे जाते हैं क्योंकि हम अपनी बुद्धि व विवेक का प्रयोग करके सही निर्णय ले सकते हैं ।यदि हम उसका सही प्रयोग नहीं करते तो हम में और जानवर में कोई अंतर नहीं रह जायेगा ।
धन्यवाद !

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