भारत देश : सौंदर्य है विशेष !
भारत देश देता यही संदेश ,
रहो प्रेमभाव से , दूर रहो अलगाव से
एकता आधार है ,विभिन्नता भंडार है
बनी रही ये एकता ,बनी रही अखण्डता
पड़े कभी न फूट यही है देश की विशेषता ।
शीश पर विराजे नग,पाँव को पखारे जल
उदय हो सूर्य जहान में,वो देश ये महान है ।
धरा पे विभिन्न भू-भाग हैं,जो सम्पन्नता के सार हैं
कहीं पठार ,कहीं कछार ,कहीं पहाड़ विशाल हैं
उगा के धान भूमि पे ,लहरा रहा कमाल है ।
न एक धर्म, न एक जाति ,न एक भाषा ,न एक बोली
विभिन्नता में एकता की यही अनूठी पहचान है
अधिकार हैं सभी को और कर्त्तव्य भी तो साथ हैं
अधिकार का प्रयोग कर ,कर्त्तव्य को भी पूर्ण कर
बढ़ा रहे हैं देश को ,उन्नति की ओर को ।
ज्ञान का सागर भरा है ,वेद , गीता -पुराण में
दे दिया जो शून्य था ,गणित के आधार को
पूर्ण शिक्षा का पाठ ,पढ़ा दिया वो महान है
नया ज्ञान सीख लो ,ये वेद जो महान हैं
दिया है जो ज्ञान वो भी तो बेशुमार है ।
तिरंगा आन-वान है ,और देश की ये शान है
लहरा रहा है धरा पे ये जो देश की पहचान है
लिए पैगाम शांति ,उन्नति और क्रांति का
बता रहा है हरिता का संदेश जो महान है
बलिदान ,त्याग ,प्रेम का दे रहा पैगाम है ।
ये देश है विशाल ,विशालता आधार है
न मिटा सका है देश को ,न डरा सका है देश को
महान है ये देश और महान विस्तार है
झुके सभी के शीश है ,दिया सभी ने सम्मान है
वीरों का ये देश है ,गौरवान्वित है ये महान है ।
धन्यवाद !

Great ma'am
जवाब देंहटाएंNice poem ma'am
जवाब देंहटाएंNice poem ma'am
जवाब देंहटाएंNice poem ma'am
जवाब देंहटाएंThank you to all.
जवाब देंहटाएंGood
जवाब देंहटाएंVery nyc poem dear.... HapPY Independence daY
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